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Showing posts from February, 2011

एक सलाह मजबूरी पर...

मनमोहन ने कर दिया, ताल ठोंक ऐलान देखा होगा न  कहीं,  मुझ  जैसा इन्सान मुझ जैसा इन्सान, घना मजबूर मैं दुखिया कहने को मैं प्रधान,  नहीं हूं लेकिन मुखिया कह दानव कविराय, जगो अब मोहन भैया अर्धसत्य को त्याग, सत्य की खेवो नैया

राहत फतेह अली खान के पकड़ने और छूटने पर वेबसाइट पर प्रकाशित समाचार और कुछ लोगों के विचार...

अघोषित विदेशी मुद्रा ले जाने के आरोप में रविवार को गिरफ्तार पाकिस्तानी गायक राहत फतेह अली खान और उनके दोनों सहयोगियों को छोड़ दिया गया है। हालांकि उनका पासपोर्ट और अन्य कागजात राजस्व खुफिया निदेशालय ने जब्त कर लिए हैं इसलिए राहत वापस पाक नहीं जा पाएंगे। राहत को 17 फरवरी को दोबारा पूछताछ के लिए हाजिर होने को कहा गया है। निदेशालय ने कहा कि राहत को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया था । वे केवल हिरासत में थे। पहले निदेशालय के अफसरों ने कहा था कि कस्टम कानून के तहत राहत को गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन बताया जाता है कि राहत की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान की ओर से बने कूटनीतिक दबाव ने अपना काम किया और राहत को छोड़ दिया गया । पाकिस्तानी संगीतकार व गायक अली जफर ने कहा कि यह दुखद है। मुझे घटना के विषय में विस्तृत जानकारी नहीं है, मैं नहीं जानता कि कैसे, क्या हुआ।  निर्देशक और संगीतकार विशाल भारद्वाज ने कहा कि जो कुछ हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि वह सबसे पहले एक कलाकार हैं। हम सभी जानना चाहेंगे कि वास्तविक सच क्या है। राहत फतेह अली खान सिर्फ पाकिस्तान से ही ताल्ल...

क्या हमें बाहर से किसी धक्के की आवश्यकता है..?

महबूबा मुफ्ती एक पावर प्वाइंट प्रजेन्टेशन में कश्मीर के कुछ हिस्सों को चीन और पाकिस्तान का मान रही हैं . विजन आन कश्मीर नाम के इस प्रजेन्टेशन में महबूबा श्रीनगर को चीन के यारकंद से जोड़ना चाहती हैं. चीन पहले ही कश्मीर को विवादित मानता आ रहा है और कश्मीर तथा अरुणाचल के निवासियों को अलग से नत्थी कागज पर वीसा देने का प्रयास करता आया है. महबूबा मुफ्ती के इस नये कदम से पाकिस्तान और चीन का मनोबल निश्चित रूप से बढ़ेगा और अलगाववादियों का मनोबल भी. भारत की अखंडता पर खतरा किन लोगों से है, शायद अब तो साफ हो जाना चाहिये. भेड़िया आया, भेड़िया आया का शोर मचाकर बहुत दिनों तक किसी को बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता और न ही  आंख मूंदने से खतरा दूर हो जाता है. सिर्फ आशा कर सकता हूं कि HOAX पर खामखाह जनता का ध्यान केन्द्रित न कराया जा जायेगा और आसन्न सच्चे खतरे को भांपकर उस पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. यदि इसे भी व्यर्थ का प्रलाप मानते हुये कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती तो देश की अखंडता के ऊपर गम्भीर खतरा मंडरा रहा है.. यद्यपि भारत के कई हिस्सों पर पाकिस्तान और चीन ने कब्जा कर रखा है, लेकिन कब्जा होने के कारण से ही ...

आईटीबीपी भर्ती से लौट रहे लड़कों के साथ शाहजहांपुर में विकराल हादसा.

बरेली में आईटीबीपी में ट्रेड़मैन की भर्ती होना थी. जिसके लिये ग्यारह प्रान्तों से लड़के आये थे. एक लाख संख्या बताई जाती है. पिछले दो दिनों से बरेली में थे. इससे पहले सम्भवत: उनतीस तारीख से आला हजरत का उर्स था जिसके चलते भी पांच लाख जायरीन देश भर से आये थे. इतनी बड़ी भीड़ को नियन्त्रित करने के लिये ठोस और व्यापक इन्तजामों की आवश्यकता थी. प्रशासन ने जायरीनों के लिये अच्छे इन्तजाम किये. वहीं आईटीबीपी में भर्ती के सिलसिले में प्रशासन ने बताया कि उन्हें कोई अग्रिम सूचना नहीं दी गयी थी, अत: कोई विशेष व्यवस्था नहीं हो सकी. दो दिन से भूखे-प्यासे लड़के, जो कि देश के विभिन्न प्रान्तों से आये थे, यह पता चलने पर कि इस पूरी प्रक्रिया में दो दिन का समय लगेगा, भड़क गये. और इसके बाद तोड़-फोड़, आगजनी की घटनायें घटित हुईं. यह ज्ञात हुआ कि आज वापसी के समय बरेली जंक्शन पर लड़कों की भीड़ ने वापस जाने हेतु रेलगाड़ियों में जगह न होने पर छत पर लटक कर यात्रा प्रारम्भ कर दी. जंक्शन पर भी लड़कों की झड़पें हुईं. पूरब की तरफ जाने वाली हिमगिरी एक्सप्रेस की छत पर यात्रा कर रहे लड़कों के साथ उस समय एक बड़ी हृदयविदारक दुर्घटना हुई, ...