बरेली में आईटीबीपी में ट्रेड़मैन की भर्ती होना थी. जिसके लिये ग्यारह प्रान्तों से लड़के आये थे. एक लाख संख्या बताई जाती है. पिछले दो दिनों से बरेली में थे. इससे पहले सम्भवत: उनतीस तारीख से आला हजरत का उर्स था जिसके चलते भी पांच लाख जायरीन देश भर से आये थे. इतनी बड़ी भीड़ को नियन्त्रित करने के लिये ठोस और व्यापक इन्तजामों की आवश्यकता थी. प्रशासन ने जायरीनों के लिये अच्छे इन्तजाम किये. वहीं आईटीबीपी में भर्ती के सिलसिले में प्रशासन ने बताया कि उन्हें कोई अग्रिम सूचना नहीं दी गयी थी, अत: कोई विशेष व्यवस्था नहीं हो सकी. दो दिन से भूखे-प्यासे लड़के, जो कि देश के विभिन्न प्रान्तों से आये थे, यह पता चलने पर कि इस पूरी प्रक्रिया में दो दिन का समय लगेगा, भड़क गये. और इसके बाद तोड़-फोड़, आगजनी की घटनायें घटित हुईं. यह ज्ञात हुआ कि आज वापसी के समय बरेली जंक्शन पर लड़कों की भीड़ ने वापस जाने हेतु रेलगाड़ियों में जगह न होने पर छत पर लटक कर यात्रा प्रारम्भ कर दी. जंक्शन पर भी लड़कों की झड़पें हुईं. पूरब की तरफ जाने वाली हिमगिरी एक्सप्रेस की छत पर यात्रा कर रहे लड़कों के साथ उस समय एक बड़ी हृदयविदारक दुर्घटना हुई, ...