यह पुलिस वाले हैं या फिर जल्लाद
जालंधर के भोगपुर थाने में धोखाधड़ी के मामले में पूछताछ के लिए लाये गये एक व्यक्ति के साथ लेकिन पुलिस वालों ने उसके साथ जानवरों जैसा सुलूक किया। आरोपी को थाने के एक कमरे में जमीन पर लिटा दिया गया और फिर उसकी जेब से पर्स और कागज निकाल लिए गए। एक पुलिस वाले वाले ने उसको ऐसे दबोच लिया कि वो उठ ही न पाए और फिर दूसरे पुलिस वाले ने उसके शरीर पर इतनी बेहरमी से बेल्ट बरसाईं कि हिल तक नहीं सका। आरोपी चीखता-चिल्लाता रहा, लेकिन पुलिस वाले उसके शरीर पर बेल्ट बरसाते रहे। आरोपी के पास बचने का एक ही तरीका था कि वह या तो पुलिस वालों की मर्जी के अनुसार अपना जुर्म कबूल कर ले या फिर जानवरों की तरह पिटता रहे। जब मामला मीडिया में आ गया तो एएसआई अवतार सिंह और हवलदार जागीर सिंह को सस्पेंड कर दिया गया तथा होमगार्ड के जवान हरिजंदर सिंह के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दे दिए गए। हमारी सारी कानून व्यवस्था अंग्रेजों की देन है. संविधान के कई महत्वपूर्ण हिस्से भी ब्रिटिश संविधान से लिये गये हैं. अभी भी अंग्रेजों के बनाये हुये अधिकतर कानून देश में लागू हैं और उन कानूनों के द्वारा भारत में शासन-...