Posts

Showing posts with the label delhi

हमारे प्रधान जी एकदम ठीक कर रहे हैं.

एक बम क्या फट गया, मानों आफत आ गयी. जिसे देखो वही कट्टरपंथियों के हाथों खेलने लगा और अपनी भड़ास उतारने लगा. लेकिन मैं प्रधान जी के साथ हूं. वह हमारे देश के गौरवशाली अतीत और परम्पराओं का निर्वहन कर रहे हैं. विश्वास नहीं होता. अब देखिये, हमारे ही बड़े बूढ़े कह गये हैं कि गोली के घाव से भी अधिक तीखा होता है बोली का घाव. इसीलिये आतंक और आतंकवादियों तथा उनके मददगारों के विरुद्ध बोली का प्रयोग कर रहे हैं. बिल्कुल छलनी हो जायेंगे हमारे बयानों से. और हम आतंकवादियों को कोस भी तो रहे हैं. जब मरी खाल की श्वांस से लोहा भी भस्म हो जाता है तो हमारी आहों से ये आतंकवादी कैसे बच जायेंगे. रोज करें ऐसी कायराना हरकत. हम इन कायराना हरकतों से डरते नहीं हैं, देखा दिल्ली कहीं रुकी, मुम्बई कहीं रुकी. ये है हमारी जिन्दादिली.  बयान संप्रेक्षण चालू आहे.

एक पुरानी रचना आज फिर दोहरा रहा हूँ.

आओ वीर आतंकियो आओ तुम्हारा स्वागत है इस धर्मनिरपेक्ष मुल्क में हम तैयार हैं तुम्हारे स्वागत को हमारे बच्चे भी, आओ तुम बम लगाओ हमारी जडें बहुत मजबूत हैं हिलेंगी नहीं तब भी, जब हमारा अस्तित्व खत्म हो जायेगा, तब भी कौमी तराने गूंजते रहेंगे चाहे उन्हें सुनने वाला कोई न हो तुम हमारी पीढियों को तबाह कर सकते हो क्योंकि तुम अल्प हो हम अपने बच्चों को आगे करते रहेंगे तुम उनके सीने चाक करते रहना क्योंकि तुम अल्प हो और जो चीज बढ जाती है उसे खत्म होना ही होता है इसलिये तुम बम लगाओ हम तुम्हें सजा नहीं देंगे, खीर देंगे खीर खाओ और इन्तजार करो कि कब एक आई सी ८१४ उडे और कब तुम्हें शाही मेहमान की तरह छोडा जाये तुम हमारे उन बच्चों के सीने गोलियों से छलनी कर दो जिन्हें हमने प्यार से पाला था बडे अरमानों से पोसा था तुम बम लगा सकते हो हम कोई कार्रवाई नहीं करेंगे क्योंकि हम वास्तविक धर्म निरपेक्ष हैं हम इतिहास से भी सबक नहीं लेंगे क्योंकि हम बहुल हैं, हम निरपेक्ष हैं आओ तुम स्वतन्त्र हो कहीं भी बम लगाओ ट्रेन में, पार्क में, पूजा स्थलों में, अदालतों में लेकिन हम फिर भी चुप रहेंगे तुम हमें सिरे से खत्म कर सकते...