भारतीय पुलिस का एक और बहादुरी का कारनामा
भारत की पुलिस वैसे ही बहादुरी के लिए विख्यात है । अभी चित्रकूट में उत्तर प्रदेश की पुलिस ने बहुत बहादुरी से काम लिया और तीन दिन के बाद कई मकानों को जलाने के बाद डकैत को मार गिराने में कामयाब हुई । फिर दस दिन पहले लखीमपुर में पूरी बहादुरी के साथ एक महिला को ट्रेन से धक्का देकर मार गिरा सकी । उसके बाद दो दिन पहले लखनऊ में एक महिला को बामुश्किल मार - पीटकर उसके पैर तोड़ने में कामयाब हो पाई । अब देहरादून पुलिस एक एम ०बी० ए० युवक को बड़ी मशक्कत के बाद पाँच गोलियां मारकर मारने में कामयाब हुई । यह युवक गाजियाबाद से नौकरी करने देहरादून आया था । युवक क्या था पूरा आतंकवादी था, एक मोटर-साइकिल, तीन लड़के, एक तमंचा, एक पिस्टल। दरोगा और सिपाहियों पर दिन में हमला। किस्मत अच्छी, दरोगा बचा, पुलिस वाले बचे। बाल न बांका कर सके जो जग बैरी होए। इसलिए बाल बांका न हुआ, न दरोगा का, न सिपाहियों का, वरना कौन कसर छोड़ रखी थी एम०बी०ए० पास नौकरी करने आए युवक ने। क्या पता नौ एम०एम० पिस्टल चल जाती तो? यहाँ तो शहादत हो जा...