उसका मिलना तो फकत एक बहाना ठहरा तयशुदा था यूं मेरे चाक जिगर का होना बिजलियां तो चमक रही थीं बड़े अरसे से नजर न आया उन्हें अब तलक मेरा होना आया वो इस तरह से मेरी महफिल में मेरा होना न रहा न रहा उसका होना निगाह मेरी अजी क्या गजब ये कर बैठी दिल मेरा ठहरा मगर कब्जा उसका होना सुना है खेलता नहीं वो अब खिलौनों से जब से पाया है दिल का खिलौना होना मेरी आंखों में न झांको ऐ दोस्त मेरे आदतन हो चुका है गीला इनका होना समा गया वो कुछ इस तरह मेरे अंदर आईना देखूं मैं पर अक्स उसका होना
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Showing posts from May, 2011
दोस्ती की कुछ् तो कीमत चुकानी ही पड़ेगी
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अभी अभी खबरों में आ रहा है कि आर एस पुरा सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से भारी गोलाबारी हो रही है और बी एस एफ का एक जवान शहीद हो चुका है. उसकी शहादत को नमन और ऐसी शहादतों को कूड़ेदान में फेंकने वाले निकम्मे राजनीतिबाजों को धिक्कार. आखिर कब तक बिरयानी खिलाई जाती रहेगी पाकिस्तान और पाकिस्तान के समर्थक देश में रहने वाले नागरिकों को. कब तक अमन की आशा और क्रिकेट कूटनीति जैसे जुमले उछालकर भारत के आम नागरिकों को बेवकूफ बनाया जाता रहेगा. कब तक हमारे जवानों को शहीद करवाया जाता रहेगा, कभी संसद के हमलों में, कभी सीमाओं पर और कभी मुम्बई में. आखिर कब तक? अब अगर यह दोस्ती की कीमत है तो ऐसी दोस्ती से दुश्मनी बेहतर.
वीभत्स और घृणित - मूक जानवरों के साथ ऐसा अत्याचार
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कुछ कह नहीं सकता. शायद ही इससे अधिक बर्बर कृत्य कोई और हो. ये जानवर बोल नहीं सकते, लेकिन महसूस तो कर ही लेते हैं. कटने वाले किसी पशु-पक्षी को उस समय देखिये जब कसाई उसे अपने हाथ में पकड़ता है. हर समय, हर रोज, कभी स्वाद के लिये, कभी जरूरत के लिये और कभी त्योहारों और प्रथाओं के नाम यह व्यवहार! साइज इस लिये इतना छोटा कर दिया है कि इसे देखते ही विचलित कर देने वाला और अप्रिय अहसास हो सकता है... यह रहा लिंक. Embedded Video हटा दिया गया है, आपको ऊपर लिंक पर क्लिक कर देखना पड़ेगा. यदि कलेजा मजबूत हो तो ही देखियेगा. ..
ओसामा मारा गया
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अमेरिका ने अपने और मानवता के दुश्मन ओसामा बिन लादेन को मार गिराया. भारत की राजनीति के व्यापारियों अब तो कुछ शर्म करो. पाकिस्तान को अब तो सहलाना बन्द करो. भारत की खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों कुछ तो इससे सीखो. अब तो अपने नागरिकों की जान की सुरक्षा करो और जिन्होंने हमारे बंधुओं की जान ली है, उनके लिये समुचित उत्तर दो.
पंकज मलिक साहब का गाया हुआ एक गीत...
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"ये रातें, ये मौसम, ये हंसना-हंसाना", पंकज मलिक साहब का गाया हुआ एक गीत सुनें. इस गीत के शब्द मुझे बहुत अच्छे लगते हैं, बहुत कोमल शब्द रचना है. इन्हीं का गाया हुआ एक गीत है "हुआ आंख और दिल में झगड़ा". इस गीत का आर्केस्ट्राइजेशन कमाल का है, मुझे तो सम्मोहित सा कर लिया इस गीत ने. अगली दफा आपको सुनवाऊंगा.