कम से कम कोई तो अच्छा काम किया मायावती ने
दिबियापुर, औरेया के थानाध्यक्ष होशियार सिंह को बर्खास्त कर कम से कम एक तो अच्छा काम किया मायावती सरकार ने. कानून व्यवस्था को बनाये रखने का पूरा दायित्व पुलिस प्रशासन का होता है, और यदि पुलिस ठीक से काम करने लगे तो आधे से ज्यादा अपराध तो अपने आप कम हो जायेंगे. होशियार सिंह एक चैनल पर आकर खुद को पाक-साफ बता रहे थे (जनाब को खबर थी कि शेखर तिवारी मनोज गुप्ता को उठाकर ले गया है, मनोज गुप्ता की पत्नी की शिकायत पर जब थाने से दरोगा आया तो थोड़ी देर बाद ही उसकी बात होशियार सिंह से हुई और वह वापस चला गया) और बड़े अधिकारियों तथा और पुलिस वालों की भी पोल खोल रहे थे कि चन्दा इकठ्ठा किया जा रहा था और फफूंद के थानाध्यक्ष के पास जमा किया गया था. भारत में हर कोई जानता है कि थाने में पोस्टिंग कैसे होती है और पैसा नीचे से ऊपर तक कैसे जाता है और जो एक बार थानेदार पा गया उसकी वित्तीय स्थिति कितनी मजबूत हो जाती है. जो पकड़ गया वो चोर बाकी सब साहूकार. एक सवाल यदि होशियार सिंह और शेखर तिवारी ने किसी आम आदमी को मार दिया होता तो क्या शेखर तिवारी गिरफ्तार होता और थानेदार बर्खास्त होता. दूसरा सवाल यदि चैनल को होशिया...