अ०भा०ब०स०क०का० पार्टी का घोषणा पत्र - पहला भाग

प्रिय (?) ब्लोगरो, आगामी चुनाव हेतु एक अखिल भारतीय बहुजन समाजवादी कम्युनिस्ट कांग्रेस पार्टी का गठन मेरे एक मित्र द्वारा किया जा रहा है, अब आगे उन्हीं के शब्दों में उनकी पार्टी का मैनिफेस्टो निम्नलिखित है, आशा करता हूँ कि आप अपने सदविचारों (??-मेरे अतिरिक्त और किसी के विचार सदविचार कैसे हो सकते हैं?) को रखेंगे. (यदि नहीं रखेंगे तो मेरा क्या ले जायेंगे?)

""सर्वप्रथम मैं राष्ट्र हित में धर्म-निरपेक्ष रहते हुए सभी धर्मों के अनुयायियों के साथ भेद-भाव न करने का वचन देता हूँ. तथा यह भी घोषणा करता हूँ कि सत्ता में आने पर प्रत्येक धर्म को उसकी मर्जी के अनुसार निजी क़ानून बनाने व लागू करने की छूट प्रदान करूंगा. क़ानून मानने न मानने के लिए सभी लोगों के विकल्प खुले होंगे कि क़ानून माने या न माने, माने तो फिर कौन सा माने. नव-धनाड्यों को गाड़ियों को असीमित रफ़्तार से दौड़ाने की खुली छूट होगी. वे जितने चाहे उतने एक्सीडेंट कर सकते हैं. वकीलों को भी छूट होगी कि वे एक दूसरे से मिलकर गवाहों को बरगला सकते हैं. पुलिस वालों को किसी की भी पिटाई करने और मारने की छूट होगी. सरकारी अफसरों को भ्रष्टाचार के लिए कोई दंड नहीं दिया जायेगा. रिश्वत को संविधान संशोधन कर १०% सरकारी कोष में जमा करने पर उसे स्वत: ही सफ़ेद धन मान लिया जायेगा. चूँकि हमारी जेलें पहले से ही ओवर-लोडेड हैं और यह तो संत ईसा मसीह पहले ही कह चुके हैं कि घृणा पाप से करो, पापियों से नहीं, इसलिए मैं सभी अपराधियों को छोड़ दूँगा और उन्हें देश-हित के कार्य में लगाऊँगा, उन्हें अपनी पार्टी में स्थान दूँगा जिससे वे इधर उधर न भटकें. पुलिस वालों को बहुत दिक्कत होती है इसलिए उनके खिलाफ कोई भी कैसा भी मामला दर्ज नहीं होगा. वसूली करने से उनका नाम ख़राब होता है इसलिए वसूली को खत्मकर इसके लिए संविधान में संशोधन कर इसे सुरक्षाकर नाम से लागू किया जायेगा. हर पुलिस वाले को कम से कम दस मुठभेड़ (फर्जी) करने की इजाजत होगी. मार-पिटाई और उगाही की भी छूट होगी. अगर वे चाहे तो अपने रिश्तेदारों को भी इसमें शामिल कर सकते हैं. परिवहन विभाग वालों को यह अधिकार दूँगा कि वे किसी भी गाड़ी को रोककर कुछ रकम वसूल सकें. ओवर लोडिंग को कानूनी जामा पहनाऊंगा. लाईसेन्स बनाने के लिए सारी औपचारिकतायें ख़तम कर दी जायेंगी, ५०० रुपये सरकारी और १००० रुपये सु०शुल्क देकर लाईसेन्स बनाने का अधिकार दूँगा. ब्लू लाइन बसों को छूट होगी कि वे महीने में पाँच-छ: लोगों को आराम से कुचलें. सरकारी अधिकारियों के लिए गाड़ी का इस्तेमाल अपने रिश्तेदारों को घुमाने में, अपने बच्चों को स्कूल भेजने में और अपने घूमने फिरने के लिए १००० किलोमीटर तक निशुल्क पेट्रोल दिया जायेगा. और सरकारी गाड़ी को उपर्युक्त प्रयोग में लाते समय उनकी वीडियो बनाने वाले पत्रकारों पर एक लाख रुपये तक का अर्थदंड लगाया जायेगा. प्रत्येक सरकारी अफसर के बाथरूम को ही उसका दफ्तर बनाया जायेगा या फिर दफ्तर को ही बाथरूम में बदल दिया जायेगा. दफ्तर की चीजों को घर लाने की इजाजत होगी, कार्यालय के सामान में से ही अधिकारियों के घर के लिए आपूर्ति की व्यवस्था की जायेगी. उनके चपरासियों को घरों पर नियुक्त कर दिया जायेगा. असीमित फोन काल्स व बिजली की असीमित यूनिटें खर्च कर सकेंगे. कंप्यूटर अनुभाग के एयर कंडिशनर को अपने कक्ष व घर पर लगा सकेंगे, कार्यालय के केअर-टेकर को उनका निजी नौकर बना दिया जायेगा. फ्लेक्सिबल घंटे होंगे काम के, जब चाहे आए, जब चाहे जाए, दिन चाहे काम करे, न चाहे न करे, चमचों को समय से पहले प्रमोशन देने का अख्तियार होगा. पुलिस वाले वैसे भी न्याय करते रहते हैं, समझौते कराते रहते हैं, इसलिए उन्हें न्यायाधीश की कुछ शक्तियां प्रदान की जायेंगी. उनके फैसले को सुप्रीम कोर्ट के अलावा कहीं चुनौती नहीं दी जा सकेगी. उनके लिए किसी भी व्यक्ति के वाहन, मकान के प्रयोग की अनुमति होगी. वे एक करोड़ तक की अघोषित संपत्ति रख सकेंगे. ""

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