चुनाव आसन्न हैं, कुछ ऐसे कार्य हैं जो अत्यावश्यक हैं
१- सेना, अर्द्धसैनिक बल तथा पुलिस इत्यादि अन्य सुरक्षा सेवाओं के जवानों को वोटिंग का अधिकार दिया जाए, चाहे वह प्रॉक्सी वोटिंग के रूप में ही क्यों न हो।
२- प्रत्येक नागरिक के लिए मतदान अनिवार्य कर दिया जाए, और न करने पर कम से कम पाँच सौ रुपये या एक सप्ताह की आय का जुरमाना लगाया जाना चाहिए।
३-जन प्रतिनिधियों की वापसी हेतु व्यवस्था बनाया जाना चाहिए।
४-वोटिंग के लिए एक मल्टी-परपज आई-कार्ड का प्रयोग किया जाना चाहिए और घर-घर जाकर वोटिंग कराना चाहिए, इसके लिए बेरोजगार युवाओं को चुनाव मित्र के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।
५-वोटिंग के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की जा सकती है, जिसमें कोई भी व्यक्ति कहीं से भी अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट कर सकता है, इसके लिए इंटर-एक्टिव बायो-मैट्रिक प्रणाली का प्रयोग किया जा सकता है। इस प्रणाली में अठारह वर्ष से अधिक के प्रत्येक नागरिक को एक आई-कार्ड मुहैया कराना पड़ेगा, इस आई-कार्ड की चिप में व्यक्ति का यूनिक आई डी नंबर तथा आंखों की पुतली तथा अंगूठे का प्रिंट सुरक्षित रहेगा तथा बाकी सारी सूचनाएँ जैसे नाम, पता, जन्म तिथि, शैक्षिक योग्यता, वर्ग, मासिक आय, पैन कार्ड, ड्राइविंग तथा अन्य लाइसेंस इत्यादि एक वृहद डाटा बैंक में सुरक्षित रहेंगी. यह सारी सूचनाएँ विभिन्न सरकारी विभागों के कंप्यूटर पर उपलब्ध रहेंगी तथा किसी भी प्रकार का बदलाव होने पर केंद्रीय सर्वर में स्वत: बदलाव हो जायेगा. इस कार्ड को प्रयोग में लाने के लिए कार्ड को मशीन में डालने के बाद कार्ड की चिप में पड़ी पुतली या अंगूठे के प्रिंट को व्यक्ति की पुतली अथवा अंगूठे के प्रिंट से मिलान करना पड़ेगा। कार्य कठिन जरूर लगता है लेकिन यदि सरकार चाहेगी तो अवश्य हो सकेगा, इन तरीकों से एक तो यह होगा कि प्रत्येक व्यक्ति को अलग-अलग कार्ड नहीं रखने पड़ेंगे। महत्वपूर्ण जगहों पर इस कार्ड का पञ्च करना अनिवार्य होगा जिससे इन स्थानों पर आने-जाने वाले व्यक्तियों का ब्यौरा स्वत: ही दर्ज हो जायेगा, इसके साथ ही हर व्यक्ति की लोकेशन भी ट्रेस की जा सकेगी। इसके अनेक फायदे हैं, जिन्हें फिर कभी डिस्कस किया जायेगा।
६-चुनाव में प्रत्याशी के चयन के साथ ही कुछ मुद्दों को भी रखा जा सकता है और उन पर जनादेश भी लिया जा सकता है।
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