एक दिन का मार्निंग वाक
एक दिन प्रात: जब मैंने मार्निंग वाक को कदम बढ़ाया
तो पाया कि नगर का चौकीदार राम लुभाया
जो चौदह साल से नहीं दिया था दिखाई
झाड़ू लगा रहा था मेरे भाई
थोड़ा और आगे बढ़ा
दिमाग का बल्ब झक्क से उडा
नजारा अजब था
माहौल कुछ गजब था
तोता राम नाम का ट्रैफिक सिपाही
जो करता था दिन भर उगाही
बड़े कायदे से पेश आ रहा था
रिक्शे वाले को भी भाई-साहब कह कर बुला रहा था
मैंने अपने दिल को कड़ा किया
और धड़कते दिल के साथ कदमों को बढ़ा दिया
आगे चला तो पाया कि लोग बड़े कायदे से आ-जा रहे थे
ऑटो वाले भी अठारह की जगह आठ सवारी बैठा रहे थे
लोगों ने हटा दिए थे अपने घरों के सामने के नाजायज ग्रिल
देखकर चेहरा हमारा उठा खिल
घर पंहुचते ही लगा जोर का झटका
दिमाग सातवें आसमान में जा लटका
पानी अभी तक आ रहा था
बिजली का बल्ब भी मुस्कुरा रहा
मैंने थोड़ा और साहस जुटाया
और फिर अखबार की ओर हाथ बढाया
पहली हेड-लाइन को पढ़ते ही माथा ठनक गया
मैं तो इसे देखते ही अटक गया
शीर्षक था-कल शिक्षकों ने आखिरी घंटे तक पढाया
१०० डायल करने पर पुलिस वाला बडी भद्रता से पेश आया
आगे लिखा था सरकारी स्कूलों में हुयी पढ़ाई
रेल-गाडियां भी आज टाइम पर आईं
सरकारी अस्पतालों में डाक्टर स्कूलों में अध्यापक पाये गये
कक्षाओं में छात्र भी पढते पाये गये
सरकारी बाबू दिखाई दिये काम में पिले
अफसर भी मीटिंग और बाथरूम की जगह कार्यालय में मिले
दीवानी का एक मुकदमा मात्र डेढ साल में ही हो गया डिसाइड
और इसे पढने के बाद एक वकील ने कर ली सुसाइड
चुनाव में एक बाहु और धनबली हार गये
एक विशुद्ध और सच्चे जनसेवक संसद के द्वार गये
बाहुबली कानून से डरने लगे
और कानून पर चलने लगे
लोगों को इन्साफ मिलने लगा
और इतना पढकर मैं ऊपर से नीचे तक हिलने लगा
कल किसी थाने में किसी का निर्दोष बेटा पिटाई से नहीं मरा
किसी मन्त्री का घर सरकारी चारे से नहीं भरा
किसी बहू की नहीं हुई दहेज के लिये हत्या
किसी किसान को कर्ज के बोझ से दबकर नहीं करनी पडी आत्महत्या
कोई जवान लड़का बम-विस्फोटों में परलोक नहीं चला
और रमुआ के घर भी दोनों समय चूल्हा जला
अगले ही क्षण मेरा यह भ्रम दूर हो गया
यह तो एक सपना था
जो आंख खुली और चकनाचूर हो गया
मैंने फिर से आंख मूंदी और कहा हे भगवान
कहां हो तुम सुनो मेरी पुकार
और चमत्कार हो गया
ईश्वर मेरे सामने साकार हो गया
मैंने कहा हे भगवान चमत्कार दिखा दे
मेरे देश को ऐसा ही बना दे
ईश्वर बोला मैं ऐसा ही कर दूंगा
लेकिन मेरी एक शर्त है पूरी करा दे
तेरे देश में तो एक अरब से ज्यादा रहते हैं
ज्यादा नहीं सिर्फ ५४५ देशभक्त लाकर दिखा दे
सिर्फ ५४५ देशभक्त लाकर दिखा दे
तो पाया कि नगर का चौकीदार राम लुभाया
जो चौदह साल से नहीं दिया था दिखाई
झाड़ू लगा रहा था मेरे भाई
थोड़ा और आगे बढ़ा
दिमाग का बल्ब झक्क से उडा
नजारा अजब था
माहौल कुछ गजब था
तोता राम नाम का ट्रैफिक सिपाही
जो करता था दिन भर उगाही
बड़े कायदे से पेश आ रहा था
रिक्शे वाले को भी भाई-साहब कह कर बुला रहा था
मैंने अपने दिल को कड़ा किया
और धड़कते दिल के साथ कदमों को बढ़ा दिया
आगे चला तो पाया कि लोग बड़े कायदे से आ-जा रहे थे
ऑटो वाले भी अठारह की जगह आठ सवारी बैठा रहे थे
लोगों ने हटा दिए थे अपने घरों के सामने के नाजायज ग्रिल
देखकर चेहरा हमारा उठा खिल
घर पंहुचते ही लगा जोर का झटका
दिमाग सातवें आसमान में जा लटका
पानी अभी तक आ रहा था
बिजली का बल्ब भी मुस्कुरा रहा
मैंने थोड़ा और साहस जुटाया
और फिर अखबार की ओर हाथ बढाया
पहली हेड-लाइन को पढ़ते ही माथा ठनक गया
मैं तो इसे देखते ही अटक गया
शीर्षक था-कल शिक्षकों ने आखिरी घंटे तक पढाया
१०० डायल करने पर पुलिस वाला बडी भद्रता से पेश आया
आगे लिखा था सरकारी स्कूलों में हुयी पढ़ाई
रेल-गाडियां भी आज टाइम पर आईं
सरकारी अस्पतालों में डाक्टर स्कूलों में अध्यापक पाये गये
कक्षाओं में छात्र भी पढते पाये गये
सरकारी बाबू दिखाई दिये काम में पिले
अफसर भी मीटिंग और बाथरूम की जगह कार्यालय में मिले
दीवानी का एक मुकदमा मात्र डेढ साल में ही हो गया डिसाइड
और इसे पढने के बाद एक वकील ने कर ली सुसाइड
चुनाव में एक बाहु और धनबली हार गये
एक विशुद्ध और सच्चे जनसेवक संसद के द्वार गये
बाहुबली कानून से डरने लगे
और कानून पर चलने लगे
लोगों को इन्साफ मिलने लगा
और इतना पढकर मैं ऊपर से नीचे तक हिलने लगा
कल किसी थाने में किसी का निर्दोष बेटा पिटाई से नहीं मरा
किसी मन्त्री का घर सरकारी चारे से नहीं भरा
किसी बहू की नहीं हुई दहेज के लिये हत्या
किसी किसान को कर्ज के बोझ से दबकर नहीं करनी पडी आत्महत्या
कोई जवान लड़का बम-विस्फोटों में परलोक नहीं चला
और रमुआ के घर भी दोनों समय चूल्हा जला
अगले ही क्षण मेरा यह भ्रम दूर हो गया
यह तो एक सपना था
जो आंख खुली और चकनाचूर हो गया
मैंने फिर से आंख मूंदी और कहा हे भगवान
कहां हो तुम सुनो मेरी पुकार
और चमत्कार हो गया
ईश्वर मेरे सामने साकार हो गया
मैंने कहा हे भगवान चमत्कार दिखा दे
मेरे देश को ऐसा ही बना दे
ईश्वर बोला मैं ऐसा ही कर दूंगा
लेकिन मेरी एक शर्त है पूरी करा दे
तेरे देश में तो एक अरब से ज्यादा रहते हैं
ज्यादा नहीं सिर्फ ५४५ देशभक्त लाकर दिखा दे
सिर्फ ५४५ देशभक्त लाकर दिखा दे
पोस्ट लिखकर कहां चले.....भगवान ने आपको जिम्मेदारी सौंपी है 545 देशभक्तो को तैयार करने की.....उसे करके अपने सपने को पूरा करें.....बहुत अच्छी रचना...... बधाई हो।
ReplyDeletewah wah wah badhai comman man ji
ReplyDeleteबहुत बढ़िया सपना देखा आपने.
ReplyDeleteलेकिन भगवान ने तो बड़ी कठिन शर्त रख दी. हर कामन मैन की यही कामना है. फिर भी यही सोचता हूँ कि वो सुबह कभी तो आएगी.
इश्वर शायद जानता है कि आपका सपना पूरा करना उसके बस का नही है इसिलिये उसने 545 सच्चे देशभक्त ढूँढ कर लाने को कह कर मामला टरका दिया है.बहरहाल आपने सपना बहुत अच्छा देखा.भगवान करे वो सच हो जाये.
ReplyDeleteबहुत जबर्दस्त रचना है\बधाई स्वीकारें।बिल्कुल सही व सटीक कहा है-
ReplyDeleteतेरे देश में तो एक अरब से ज्यादा रहते हैं
ज्यादा नहीं सिर्फ ५४५ देशभक्त लाकर दिखा दे
सिर्फ ५४५ देशभक्त लाकर दिखा दे
इस बार यदि फिर भगवान पधारें सपने में तो कहियेगा, कि 545 तो क्या मैं 5545 खड़े कर दूं, पर तुम अपने घटिया माल की 'री-साईकिलिंग' कब बंद करोगे।
ReplyDeleteअच्छी रचना...... बधाई हो।
ReplyDeleteज्यादा नहीं सिर्फ ५४५ देशभक्त लाकर दिखा दे
ReplyDeleteसिर्फ ५४५ देशभक्त लाकर दिखा दे ......
' oh ab tk kitne mile?????????"
Regards