मुंबई में मोर्चा संभाल रहे कमांडिंग अधिकारी से एक प्रार्थना

मुंबई में मोर्चा संभल रहे कमांडिंग अधिकारी से एक प्रार्थना है कि जो आतंकवादी पकड़े गए हैं, उनसे सूचना उगलवाने के बाद उनके हाथों-पैरों को चारों दिशायों में जीप से बाँध दें और इन्हें चीर दें तथा इसका सीधा प्रसारण टेलीविजन पर कराएँ, आख़िर आतंकवादियों को भी मौत की आहट सुनाई देना चाहिए। पकडेंगे तो पहले तो सजा करना ही बहुत मुश्किल होगा, तिरानवे के गुनाहगारों तेरह साल लगे सजा देने में, फिर इसके बाद अपील का झंझट। धूर्त राजनीतिक वैसे ही यह नहीं चाहते कि मुकदमों का निपटारा अधिकतम तीन - चार सालों में हो जाए क्योंकि ऐसा होने में आधे से ज्यादा जेलों में सड़ते दिखाई देंगे। दूसरा देख ही चुके हैं कि वोट बैंक के लिए कांग्रेस अफजल को फांसी देना नहीं चाहती। इसलिए सबसे अच्छा रास्ता यही है जो मैंने लिखा है, जिससे कि मौत बांटने वालों को मौत की दहशत का अहसास हो सके। नेताओं और नाकारा अधिकारियों की सुरक्षा करना बन्द करें।

Comments

  1. इसलिए सबसे अच्छा रास्ता यही है जो मैंने लिखा है, जिससे कि मौत बांटने वालों को मौत की दहशत का अहसास हो सके।
    "हर भारतीय यही चाहता है जो अपने लिखा है सबके दिलों में उतना ही आक्रोश है .... एक दर्दनाक मौत क्या होती है आतंकवादियों को भी एहसास कराना जरूरी है "

    ReplyDelete
  2. पता नहीं क्या सही है क्या गलत...मगर देश व्याकुल है.

    ReplyDelete
  3. आतँकवादियो को तो सज़ा दिला नही सकते मगर आपकी बात पर कोई अफसर अमल कर गया तो गरीब को मानवाधिकारवादी पकड कर सज़ा ज़रुर करवा देँगे.

    ReplyDelete
  4. अगर ऐसा हो जाये तो बेक़सूर लोगो की आत्मा को कुछ तो शांति मिलेगी

    ReplyDelete
  5. तक्षक बच के बैठा है,पकङे इन्द्र का आसन.
    तक्षक के संग स्वाहा हो, आज पुनः इन्द्रासन.
    आज पुनः इन्द्रासन, बचा रहा दुष्टों को.
    तन्त्र खिलाता बिरयानी, अफ़जल गुरुओं को.
    कह साधक कवि दुष्ट-तन्त्र, दुश्मन बन बैठा.
    तन्त्र की छाया में ही, तक्षक बच के बैठा.

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

एक सलाह मजबूरी पर...

कुछ पुरानी यादें