इस तरह तो एक - दो माह में सभी ब्लॉग बंद हो जायेंगे - दिनेश राय द्विवेदी के नाम का सहारा लेकर कोई अन्य व्यक्ति टिप्पणी कर रहा है. .............

इसे आप लोग महज एक सेंसेशन पैदा करने की नीयत से या टिप्पणी पाने के लिए लिखा गया समझें। "सीधी खरी बात" नामक ब्लॉग पर "टिकट की समस्या" को लेकर तथा "राजतन्त्र "पर "अश्लीलता पर सरकारी फंदा" नामक पोस्ट पर किन्हीं "दिनेश की राय" तथा "दिनेश" क्रमश: ने यह टिप्पणी रुपी धमकी दी है कि इन ब्लॉग में जो लिखा गया है उसे पढ़कर कोई दलाल तथा साइबर कैफे का मालिक इनके लेखकों पर मुकदमा कर सकता हैतथा इन श्रीमान ने बड़ा भाई और शुभचिंतक होने का दावा करते हुए यह प्रार्थना की है कि इन पोस्ट को हटा लिया जाएमुझे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि "पंगेबाज" पर भी इन्हीं महोदय ने कोई टिप्पणी की होगी जिसके बाद पंगेबाज से एक पोस्ट हटा दी गईयह दोनों टिप्पणियां एक ही आदमी द्वारा की गई हैं जो "दिनेश राय द्विवेदी" होने का दिखावा कर रहा हैयह एक अशोभनीय बात है कि कोई एक व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति होने का दिखावा करता हैऔर ब्लॉगर को कानूनी लडाई की धमकी देता हैइस तथ्य को प्रमाणित करने के लिए आप लोग दोनों ब्लोग्स पर जाकर इन टिप्पणियों को देख सकते हैं जिनमें ऊपर का एक पैरा थोड़ा अलग है बाकी सब एक जैसा ही हैयदि ऐसे व्यक्ति की धमकी से डरकर पोस्ट हटाना प्रारंभ कर दिया तो फिर हो चुकी ब्लोगिंगइसलिए मेरा सभी सुधी मित्रों से यह निवेदन है कि इन महोदय की टिप्पणियों से डरकर पोस्ट हटायें तथा इनका आइ०पी० एड्रेस जानकर इनकी आईडेनटिटी को सार्वजानिक करने की कृपा करेंइसके अतिरिक्त नाम से तथा गुप्त रूप से टिप्पणीकरने की सुविधा हटा दें

"काजल कुमार जी "के कार्टून पर भी यही टिप्पणी है। वही भाषा, वही शैली, सिर्फ कुछ शब्दों में हेर-फेर। अभी अभी "बामुलाहिजा" पर देखा कि वहां भी इन्ही महाशय की ऐसी ही टिप्पणी थी। इसलिए मेरा यह नम्र निवेदन है कि जो गुनी जन "श्री दिनेश राय द्विवेदी जी" को इस शरारत का जन्मदाता मान रहे हैं और उनके ऊपर टिप्पणियां कर रहे हैं, वह इस चालाकी को पहचानें तथा उनके प्रति कुछ भी लिखने-बोलने से पहले इन पोस्ट पर दी गई टिप्पणियों को अवश्य पढ़ें। मुझे हैरत इस बात की है कि इस व्यक्ति की चालाकी अब तक विज्ञ जनों की निगाह से छुपी कैसे रह गई।

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