गर्मी का प्रकोप और पशु - पक्षी













































गर्मी के प्रकोप से बचने के लिए कबूतर ऊपर बालकोनी में जाने से पहले ग्रिल पर बैठा है, बन्दर अपने बच्चे केसाथ पानी के टैंक पर बैठ कर पानी निकालने की जुगत में हैएक चिड़िया दूसरी से कह रही है कि पानी बचाकर रखो, यह बेशकीमती हैछोटी सी चिड़िया अपना घोंसला बनाने के लिए चोंच में तिनका दबा कर ले जा रही है, धूप लगी तो पपीते की छाया में बैठ गईआज काले काले बादल आए, सूरज को घेर लिया, लगा बरसात होगी, लेकिन हवाओं के झोंकों ने बादलों को उड़ा दियाबरसात फिर नहीं हुईकहीं ये लाइनें पढ़ने को मिली थीं, हाजिर हैं

आंखों में उसकी कुछ सवाल से थे,
दिल में भीगे हुए कुछ ख्याल से थे,
बारिश लगा हुई थी कहीं पूरी रात भर

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