मुस्लिम ही असल धर्मनिरपेक्ष हैं - एक ताजा किस्सा

जम्मू की रहने वाली अमीना ने एक हिन्दू लड़के से प्रेम विवाह कर लिया. लड़के के घरवालों ने भी लड़की को स्वीकार कर लिया. बस यहीं से शुरूआत होती है असली धर्मनिरपेक्षता की जिसकी दुहाई देते कम से कम मुसलमान (श्रीमान महफ़ूज अली जैसों को छोड़कर) तो नहीं थकते. हुआ यह कि लड़की के घरवालों को कैसे यह सहन होता कि एक मुस्लिम लड़की एक हिन्दू लड़के से शादी कर ले और ऊपर से लड़के के घरवालों ने भी लड़की को स्वीकार कर लिया. नतीजा यह हुआ कि अमीना के पिता और भाई ने पुलिस को साथ मिलाकर शादी के डेढ़ महीने के अन्दर अमीना के हिन्दू पति की हत्या कर दी. अमीना चीख-चीख कर मीडिया के सामने कह रही थी कि उसके बाप और भाई ने उसके पति का कत्ल कर दिया. केरल में मुस्लिम लव जिहाद चला रहे हैं जिसके विरुद्ध न्यायालय में याचिका भी दायर की गयी है, लेकिन इलेक्ट्रानिक मीडिया में इसके बारे में कुछ भी नहीं सुना गया. जम्मू में इतनी हृदय विदारक घटना हो गई, कोई धर्म-निरपेक्षी और कोई समाजसेवी, कोई पेज-३ का सेलिब्रिटी इस बारे में कुछ बोलता दिखाई नहीं दिया. और कल्पना कीजिये कि मामला इससे उलट होता तो क्या होता?? तमाम पार्टियों के नेता चीख-चीख कर धर्मनिरपेक्षता की दुहाई दे रहे होते. सेलीब्रिटी, समाजसेवी सब के सब माइक पर गला फाड़ रहे होते और जम्मू जल रहा होता. यही अन्तर है हिन्दू धर्मनिरपेक्षता और मुस्लिम धर्मनिरपेक्षता में.

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