फहीम अंसारी के वकील और दिनेश यादव में फर्क

"आतंकी शहजाद को पकड़वाने वाले स्कूल मैनेजर की हत्या" - जिसमें दो ब्लाग के लिंक मैंने दिये थे और उनके हवाले से इस घटना की जानकारी दी तथा यह लिखा था कि किस प्रकार मीडिया और नेताओं के मुंह पर पट्टी बंध गयी है. एक सप्ताह भी नहीं बीता कि इसी प्रकार की एक घटना फिर हो गई,  बस पात्र बदल गये. आतंकी फहीम अंसारी और अंडरवर्ल्ड के कई मामले देखने वाले वकील की हत्या हो गयी,  फिर क्या था, मीडिया मुखर हो गयी. लगभग हर चैनल के स्क्रोलर में इस हत्या की जानकारी दी जा रही थी. किसी चैनल ने एक मिनट की बाईट दी तो किसी ने कम या ज्यादा. अब तो जान जाईये कि भारतीय मीडिया के लिये कौन अधिक महत्वपूर्ण है  आतंकी को पकड़वाने वाले दिनेश यादव  नहीं बल्कि उनकी पैरवी करने वाला वकील.

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