दाऊद उर्फ हेडली के बारे में दो सवाल

पहला मीडिया से :- हेडली को दाऊद गिलानी (असली नाम) कहने या लिखने में दम खुश्क क्यों होता है? किसी से कोई खतरा है क्या ??
दूसरा भारत सरकार से :- घर के भेदियों से निपटने में स्यूडो धर्मनिरपेक्षी आड़े आ जाते हैं, सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को भी एक किनारे रख दिया जाता है. एक सांसद और एक विधायक ने आतंकियों की मदद की, उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गयी. हेडली-हेडली का राग अलापा जा रहा है. दाऊद गिलानी अगर भारत आ जाता तो क्या कर लेते? अंकल पूछताछ की इजाजत दे देंगे तो क्या कर लिया जायेगा, सिवाय इस के कि कुछ लोगों को अमेरिका जाने का मौका मिल जायेगा.

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