मकबूल फिदा हुसैन के समर्थन में आई रुदालियां अब कहां हैं?

इस खबर को पढ़िये. यह आईबीएन से साभार ली गयी है. इसमें लिखा है कि कर्नाटक के किसी अखबार में तस्लीमा नसरीन के एक तथाकथित लेख के छपने के बाद हिंसा भड़क उठी जिसमें दो लोगों की मृत्यु हो गयी. प्रदर्शनकारियों ने (मुस्लिम दंगाइयों ने नहीं) दुकानों को आग लगाई, वगैरा. कहां चली गयी हैं वे रुदालियां जो अभी तक मकबूल फिदा हुसैन के समर्थन में अपनी-अपनी दुकान खोले बैठी थीं. इस पर धर्मनिरपेक्ष नेता, समाजसेवी और मुस्लिम धर्मगुरुओं सभी चुपचाप बैठे हैं. (यहां मुस्लिम से मेरा अर्थ श्री महफूज जी जैसे लोगों से अलग कट्टर लकीर के फकीरों से है). अब क्यों नहीं आगे आते, अब टेलीविजन पर कोई सच बोलने वाला, कोई डंके की चोट पर सच कहने वाला इस पर आगे आकर यह कहने का साहस करेगा कि यह सब दंगाई हैं, धार्मिक आतंकवाद फैला रहे हैं. अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता पर कुठाराघात कर रहे हैं. शायद नहीं. सहिष्णु होने और न होने के बीच यही अंतर है. खबर पढ़ें.
"तस्लीमा का कहना है सोमवार को कर्नाटक में जो हुआ उससे मैं सदमे में हूं। मुझे पता चला है कि कर्नाटक के एक अखबार में मेरे नाम से छपे एक लेख के बाद ये बवाल हुआ है। लेकिन मैं कहना चाहती हूं कि जिंदगी में मैंने कभी किसी कन्नड़ अखबार के लिए लेख नहीं लिखा। ये लेख निंदनीय है। मैंने कभी नहीं लिखा कि पैगंबर मोहम्मद साहब बुर्के के खिलाफ थे। इसलिए ये एक फर्जी कहानी है जिसके जरिए लोग समाज में दुश्मनी फैलाने में जुटे हुए हैं।इस लेख के छपने के बाद राज्य में दंगे भड़के जिसमें दो लोगों की मौत हो गई जबकि 8 लोग बुरी तरह जख्मी हो गए। होली के दिन प्रदर्शनकारियों ने तस्लीमा के विरोध में जुलूस निकालते हुए दुकानों को आग लगाई। सार्वजनिक संपत्तियों को निशाना बनाते हुए बसों और ऑटो पर भी पत्थर फेंके। जिसके बाद पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। इसमें एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया जिसने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया।
पुलिस के अनुसार बैंगलोर से लगभग 280 किलोमीटर दूर शिमोगा शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है और हासन जिले में भी निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। गौरतलब है कि शिमोगा मुख्यमंत्री येदियुरप्पा का गृहनगर है। पुलिस के मुताबिक लेख का कन्नड़ संस्करण सोमवार को प्रकाशित हुआ था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिमोगा शहर में शाम चार बजे के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है और अब स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस के अनुसार हासन में भी लोगों के समूह ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। बाद में प्रदर्शनकारियों ने कुछ व्यापारिक प्रतिष्ठानों में आग लगाने की कोशिश की।"

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