आईपीएल बोले तो इण्डियन पालिटिशियन लीग.
बहुत ही गंद उछल चुकी है आईपीएल को लेकर. हवाला, सट्टेबाजी और न जाने क्या क्या. देश की जनता को बेवकूफ और गुमराह करने का इससे बढ़िया उदाहरण हो ही नहीं सकता. पवार की पुत्री सुप्रिया सुले के पति की भी हिस्सेदारी निकली. पटेल की भूमिका पर भी लोगों ने उंगली उठाई. उनकी सुपुत्री ढ़ाई लाख से कैरियर शुरूकर तीस लाख के पैकेज पर पहुंच गईं मात्र तीन-चार साल में बीसीसीआई के अन्दर. अभी यह भी पता चला कि चंडीगढ़ से चेन्नई जाने के लिये एक नागरिक फ्लाइट को चार्टर में बदल दिया गया, जिसे पूजा पटेल ने बुक कराया था. अब किसी की क्या मजाल कि पूजा जी के लिये मना कर सके कि नागरिक फ्लाइट को चार्टर में नहीं बदला जा सकता जब तक कि एक भी यात्री विमान में हो. ईमेल का चक्कर भी पता चल रहा है कि कैसे किस किस को ईमेल कर आईपीएल की टीमों की संभावित बोली लगाई गयी. कहीं किसी आईएएस का कनेक्शन पता चल रहा है तो कहीं किसी मन्त्री का. लोग खामखाह अपना टीवी चला कर बिजली का बिल बढ़ा रहे हैं, स्टेडियम में जाकर पैसे फूंक रहे हैं और भाई लोग करोड़ों का टैक्स बचा रहे हैं, काले धन को गोरा बना रहे हैं. पवार और पटेल पाक साफ निकल आये. ठीकरा फूट गया मोदी के सर. मोदी भी पाक साफ नहीं लेकिन मोदी को सबसे बड़ा खिलाड़ी दिखाने से फायदा यह हुआ कि बाकी खिलाड़ी आराम से बच गये. नेता अभिनेता और खिलाड़ी पैसा बना गये, जनता गंवा गई. चैनलों ने विज्ञापन दिखा-दिखाकर अपनी जेबें भरीं. जनता को क्या मिला. देसी भाषा में कहें तो घ.. मंहगाई, कुशासन, जनता की दिक्कतें, न्यूक्लियर सेफ्टी बिल, सब एक किनारे लगा दिये आई पी एल के बहाने.. जय हिन्द...
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