कोबाल्ट ले लो कोबाल्ट

जिस देश में कोबाल्ट को कबाड़ियों के हाथों  बेच दिया जाता है उस देश में न्यूक्लियर सेफ्टी बिल में महज पांच सौ करोड़ रुपये के हर्जाने का प्रावधान! इससे पहले कैगा के एक परमाणु वैज्ञानिक संदेहास्पद अवस्था में मृत पाये गये. नाभिकीय संयंत्र में एक कर्मचारी वाटर कूलर में संक्रमित पानी भर देता है. कोबाल्ट - ६० जिस मशीन में प्रयुक्त होता था, उसे बेच दिया गया. बेचने वालों के बारे में क्या कहा जाये और क्या कहा जाये परमाणु सुरक्षा की जिम्मेदारी रखने वाले लोगों की निगाहबीनी पर. मंहगाई पर देश की जनता को कैसे बेवकूफ बनाया जाता है, परसों के कटौती प्रस्ताव से पता चल ही गया. इसलिये जब तक जियो, बोनस मानकर जियो. हमारे नेता भारत को तो स्वर्ग बना नहीं पाये लेकिन भारत के लोगों को स्वर्गवासी बनाकर उन्हें स्वर्ग दिखाने के सारे इन्तजाम कर चुके हैं..

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