क्या इस तरह के अतिक्रमण उखाड़ फेंकना नहीं चाहिये.....

एक चित्र आज प्रस्तुत कर रहा हूं. एन-एच-२७ पर पिछले दो वर्ष के अन्दर यह धार्मिक स्थल यहां पर उग आया है.. सड़क से मात्र दस फिट दूर.. इसकी दशा से भी इस बात का अन्दाजा लगाया जा सकता है..रोड साइड एक्ट के अन्तर्गत यह स्थल यहां नहीं बनाया जा सकता और अतिक्रमण की परिधि में आता है..न जाने कितने नेता, विधायक, सांसद, विधि क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति और अफसर यहां से गुजरते हैं, लेकिन किसी की नजर इस पर नहीं जाती.. जब यह बनना प्रारम्भ हुआ था उसी समय रोक दिया जाता कुछ नहीं होता.. अब इसे हटाने की हिम्मत किसी माई के लाल की नहीं.. कमोबेश हर धर्म के लोग इस तरह से जगह कब्जाते हैं..  यह पता नहीं किसका है, हिन्दू ने जगह घेरी है या मुस्लिम ने.. लेकिन इस्लाम में ऐसे कब्जा कर कोई निर्माण करने की इजाजत नहीं, फिर पता नहीं कौन से ऐसे लोग हैं जो गैर-इस्लामी कार्यों में लिप्त हैं. स्वयं इस्लामिक धर्मगुरुओं को आगे आना चाहिये और बाकी सभी को भी.. सड़क घेरने से क्या जल्दी स्वर्ग(जन्नत) मिल जाता है? घेरने वालों को तो नहीं लेकिन सड़क पर चलने वालों को जन्नतनशीं बनाने में ऐसे अतिक्रमण अच्छी भूमिका निभाते हैं.  आपका क्या खयाल है?

Comments

Popular posts from this blog

एक सलाह मजबूरी पर...

कुछ पुरानी यादें