मुस्लिम युवती को मां-बाप ने तेजाब से नहलाया-कुसूर कि वह एक हिन्दू से प्रेम करती थी.
न जाने कहां चले गये हैं झूठी धर्मनिरपेक्षता के पैरोकार और मानवीय अधिकारों के संरक्षक... कथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के प्रवक्ता... इस घटना से तुम्हारी आंखों में क्यों आंसू नहीं आते... किस कोने में जा कर छुप गयी हैं रुदालियां... एक मुस्लिम लड़की को उसके घरवाले इसलिये जिन्दा जला देते हैं कि वह एक हिन्दू लड़के से शादी करना चाहती है... खबर पढ़िये .. हर छोटी सी घटना को पहाड़ बना देने वाले मीडिया के पहलवान इस घटना पर आंखे मूंदे बैठे हैं.... देखिये किस कदर वीभत्स है यह मानसिकता... इस्लाम के नाम पर इस तरह की घटना को अंजाम देना कहां तक जायज है... यही है वह कट्टर तालिबानी मानसिकता जिसका पुरजोर विरोध जरूरी है..
"दीगर समुदाय के युवक से प्रेम इस कदर नागवार गुजरा कि भाई और बाप ने ही गुलिस्तां को तेजाब से नहला दिया। फिर उसे शत-प्रतिशत जली हालत में नहर में फेंक दिया। नहर में बहते-बहते वह कुछ दूर जा निकाली। बमुश्किल किनारे निकली तो कराह सुनकर गांव वालों ने गुलिस्तां को जिला अस्पताल पहुंचाया। घटना उत्तर प्रदेश के जिला बुलंदशहर की है। गांव चरौरा मुस्तफाबाद में रवींद्र नामक युवक मेडिकल स्टोर चलाता है। वह बगल के गांव मालागढ़ का रहने वाला है। गांव चरौरा मुस्तफाबाद में रवींद्र के गुलिस्तां नामक युवती से प्रेम संबंध कायम हो गए। इस बात की भनक लगते ही परिवार वालों ने गुलिस्तां के घर से निकलने पर पाबंदी लगा दी। गुलिस्तां एक रात घर से कपड़े और नगदी लेकर निकली थी। परिजनों ने उसको गांव के बाहर दबोच लिया और जमकर पीटा। पुलिस के मुताबिक सोमवार देर रात लगभग दो बजे पिता असगर और ताऊ का लड़का अकील गुलिस्तां को दिल्ली ले जाने के बहाने घर से कार में लेकर चले। बुलंदशहर बाईपास पर कार से उतारकर पहले उसके कपड़े फाडे़ फिर उस पर केन में भरकर लाया गया तेजाब उड़ेल दिया। चिल्लाने पर उसके गले में दुपट्टे का फंदा डालकर कस दिया। फिर मृत समझकर नहर में फेंककर भाग निकले। गुलिस्तां कोतवाली देहात क्षेत्र में वलीपुरा गेस्ट हाउस के पास नहर के किनारे पर आकर अटक गई। सुबह को निर्वस्त्र घिसटती हुई वह सड़क तक आ पहुंची। कराहने की आवाज सुनकर वहां लोगों की भीड़ लग गई। कोतवाली नगर पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। गुलिस्तां ने पुलिस को पूरी घटना से अवगत कराया। वह सौ फीसदी जल गई है और नहर में बहने से फेफड़ों में पानी भर गया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत अत्यंत गंभीर है। बाप को कोई अफसोस नहीं पुलिस ने गुलिस्तां के पिता असगर सैफी और मां जन्नत बेगम को हिरासत में ले लिया है। असगर ने स्वीकार किया कि बेटी गलत रास्ते पर चल रही थी। सामाजिक प्रतिष्ठा के चलते उसको मारने की योजना बनाई थी। अपने कृत्य पर उसे कोई पछतावा नहीं, बल्कि गुलिस्तां के बच जाने से परेशान हैं। जन्नत बेगम ने पुलिस को बताया कि वह अपनी बिरादरी में शादी की पक्षधर थी, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। प्रेमी को हिरासत में लिया पुलिस ने गुलिस्तां के प्रेमी रवींद्र को भी हिरासत में ले लिया है। जिला अस्पताल में जिंदगी मौत के बीच झूल रही गुलिस्तां के बेड के पास दो संदिग्ध युवकों को घूमते देखा गया। वे युवक गुलिस्तां को अकेला छोड़ने की बात कहकर सभी को बाहर कर रहे थे। पुलिस के आने पर वे फरार हो गए। इसके बाद गुलिस्तां की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।"
Comments
Post a Comment