काले मेघा आये रे

काले मेघा आये रे
सबके मन को भाये रे
झूम झूम के नाचे मुनिया
सब का मन हरषाये रे

मेघा काले गरजेंगे
जोर शोर से बरसेंगे
ताल तलैया पोखर सारे
पानी से उफनाये रे

छोटू नाव चलायेगा
संग संग गाना गायेगा
अम्मा अंदर खड़ी रहेगी
उस पर नजर गड़ाये रे

खेत हरे लहरायेंगे
पंछी सुर में गायेंगे
इसी खुशी में देखो भैया
मेंढ़क भी टर्राये रे

खूब फसल लहरायेगी
सुख समृद्धि छायेगी
कोसी मैया अबकी बारी
बाढ़ कहीं न लाये रे (प्रार्थना)

Comments

Popular posts from this blog

एक सलाह मजबूरी पर...

कुछ पुरानी यादें