बीस हजार का फिफ्टी परसेन्ट - बाढ़ तुम रोज आया करो

जी हां, बिल्कुल ठीक पढ़ रहे हैं आप. यह घटना करीब बीस दिन पहले की है. मेरे एक मित्र प्रशासनिक अधिकारी हैं, जूनियर रैंक पर, दुर्भाग्य से ईमानदार जीव हैं और अभी भी सरवाइव कर रहे हैं.  एक जिले की तहसील में तैनात हैं, जहां बाढ़ आई हुई है. इस विभीषिका में कई लोग मारे जा चुके हैं, उनके घर-बार बाढ़ के पानी में बह चुके हैं. बेघरो-बार, बेसरो-सामान लोगों की मदद का इजहार भी किया जा रहा है आश्वासन देने के साथ. जहां वे तैनात हैं वहां भी बाढ़ ने प्रकोप दिखाना प्रारम्भ कर दिया. आज मुलाकात हुई तो मैंने उनसे इस बारे में पूछ लिया. एक बड़ी  सी गाली देकर फट पड़े.  " बीस हजार का चेक दिया गया कि राहत का काम प्रारम्भ कराइये, थोड़ी देर बाद ऊपर से एक  फोन आ गया कि चेक कैश कराने के बाद फिफ्टी परसेन्ट भिजवा दीजिये."

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