एक और अश्लील विज्ञापन
पिछले लेख में मैंने लिखा था कि किस प्रकार के अश्लील विज्ञापन टीवी चैनल पर दिखाये जाते हैं तथा किस प्रकार सीरियलों के रीयलिटी शोज के नाम पर अश्लीलता फैलाई जा रही है. यह भी लिखा था कि खबरिया चैनल जो अपने आप को सच का रखवाला, न डरने वाला और भी पता नहीं क्या क्या कहते हैं, पैसा कमाने की खातिर किस तरह के विज्ञापन दिखा रहे हैं. अभी यह लेख ताजा ही था, अखबार की भाषा में कहें तो स्याही भी नहीं सूख पाई थी कि एक प्रादेशिक न्यूज चैनल पर, जोकि एक बड़े सुसंस्कृत सज्जन द्वारा चलाया जाता है, मूसली द्वारा बनाये जाने वाली एक औषधि का विज्ञापन दिखाई दिया. यह विज्ञापन और भी अधिक अश्लील था. विज्ञापन में एक युवक या व्यक्ति दंड लगाता हुआ दिखाया जाता है. दंड लगाने की प्रक्रिया में व्यक्ति पहले जमीन पर छाती के बल लेट सा जाता है और हाथों को जमीन पर टिकाकर तथा पैरों के पंजों के आधार पर अपने शरीर को ऊपर उठाता है, फिर नीचे ले जाता है. इस विज्ञापन में व्यक्ति दंड तो लगाता है, लेकिन उसके हाथ जमीन पर नहीं टिके हुये हैं. अब आप अन्दाजा लगा सकते हैं कि विज्ञापन क्या दिखाना चाहता है. यहां एक बात और बताना चाहता हूं कि इस प्रकार के अश्लील विज्ञापन विदेशों में भी प्रतिबन्धित किये जा चुके हैं, उन देशों में, जिन्हें हम खुलेपन का पर्याय मानते हैं और अनैतिक होने का लेबल चस्पा करते हैं. एक पूरी युवा पीढ़ी को यह सब दिखाने का उद्देश्य और औचित्य आखिर क्या है? क्या खुद न्यूज ब्राडकास्टर्स एसोसियेशन को इस पर हस्तक्षेप नहीं करना चाहिये.
Comments
Post a Comment