कालेज से भागकर देखी गई फिल्मों में से एक का खूबसूरत गाना....

स्कूल कालेज से भागकर फिल्म देखना एक शगल था, पैशन था. बहुत सारी फिल्में देखीं. शायद एक रुपये या सवा रुपये का टिकट होता था, सबसे आगे वाली क्लास का. चवन्नी-अठन्नी इकठ्ठी की जातीं और फिल्म देखी जाती. पूरा ग्रुप था. "आये दिन बहार के" फिल्म भी बहुत अच्छी थी. गीत-संगीत भी जबरदस्त. फिल्म अस्सी के अन्त में (शायद नवासी की बात होगी) कालेज से भागकर देखी थी. पैदा होने से भी कई वर्ष पहले बनी थी. गाना सुनिये. आज मैं यूट्यूब पर गाने ही सुन/देख रहा हूं... अरविन्द जी त्रुटि सुधार दी है. आपको धन्यवाद...

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