एसडीएम महोदय के शब्द कहीं और दिखाई दिये...
कल नजरिया पर "अपने अपने हालातों से..." पढ़ी थी. आज यहां पर. मजे की बात यह कि "यहां" वालों ने जहां से इसे लिया गया था, वह लिंक भी नहीं दिया और न ही शब्दों के रचयिता का नाम तक बताया गया. हो सकता है कि बेख्याली में ऐसा हो गया हो, लेकिन फिर भी मूल कवि/रचयिता का नाम देना चाहिये.
यह एसडीएम सिंह जी द्वारा ही लिखी गयी है. जिसका कहीं कोई जिक्र तक नहीं किया गया है..
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