यह उस सरकार का जबाव है जिसके मुखिया के पुत्र भ्रष्टाचार खत्म करने की अपील कर रहे हैं.
उच्चतम न्यायालय में मुख्य सतर्कता आयुक्त के मामले की सुनवाई के समय जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने कहा कि "सरकारी नौकरी में जब किसी के खिलाफ चार्जशीट हो जाती है, तो उसे प्रमोशन तक नहीं दिया जाता। ऐसे में इतने बड़े पद पर नियुक्ति कैसे हो गई। कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद अटॉर्नी जनरल वाहनवती ने कहा कि हर नियुक्ति में बेदाग छवि को पैमाना नहीं बनाया जा सकता। ऐसा किया गया तो न्यायपालिका में हुई कई नियुक्तियों पर सवाल उठ जाएंगे।"
अब इस उत्तर से अन्दाजा लगा लीजिये कि भ्रष्टाचार खत्म करने के सम्बन्ध में राहुल भैया का बयान सच्चा है या फिर उच्चतम न्यायालय में वाहनवती जी द्वारा प्रकट किये गये सरकार के विचार. मतलब साफ है यदि सरकार आपके साथ है या आप सरकार के साथ हैं तो कुछ भी करो, सब माफ, अन्यथा सिरे से साफ. इतने पर भी कुछ लोगों को भैया से उम्मीदें हैं..
Comments
Post a Comment