बस यूं ही..

Comments

  1. .

    तस्वीरों ने सब कह दिया !

    Alas !

    .

    ReplyDelete
  2. (अब) दल्ले के बाप की जागीर जो है वो !

    ReplyDelete
  3. झन्डा फ़हराने और रोकने की कवायत सिर्फ़ और सिर्फ़ राजनीति है . मुरली मनोहर जोशी ने भी फ़हराया था उसके बाद ६ साल मन्त्री रहते हुये तो कभी नही गये वहा

    ReplyDelete
  4. राजनीति के घाट पर भई --- की भीड़।

    ReplyDelete
  5. तस्वीरों ने सब कह दिया !

    ReplyDelete
  6. गम्भीर चित्रण!!

    ReplyDelete
  7. तस्वीरे बोलती हैं ... दास्ताँ ....

    ReplyDelete
  8. भाई यासीन मालिक जी सपना देख रहे होंगे........... देख लेने दो सुबह तो होगी ही.

    ReplyDelete
  9. चित्रों ने सब कुछ सीधे-सीधे बयाँ कर दिया है।इसके चलते आपका पोस्ट किसी भी टिप्पणी का मोहताज नही है। पोस्ट अच्छा लगा।धन्यवाद।

    ReplyDelete
  10. कुछ कहना बाकी है क्या

    ReplyDelete
  11. आजादी, धर्मनिर्पेक्षता, मानवाधिकार, स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति, अलाना, फ़लाना सब इनके समर्थन में जो हैं।

    ReplyDelete
  12. इम्फ्लेमेबल्स अलाउड नहीं! जो वहां पहले से हैं, उन्हे फ्लश आउट कौन करेगा?! :(

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

एक सलाह मजबूरी पर...

कुछ पुरानी यादें