एक सलाह मजबूरी पर...

मनमोहन ने कर दिया, ताल ठोंक ऐलान
देखा होगा न  कहीं,  मुझ  जैसा इन्सान
मुझ जैसा इन्सान, घना मजबूर मैं दुखिया
कहने को मैं प्रधान,  नहीं हूं लेकिन मुखिया
कह दानव कविराय, जगो अब मोहन भैया
अर्धसत्य को त्याग, सत्य की खेवो नैया

Comments

  1. वाह वाह! आगे की पंक्तियाँ -एक प्रयास:

    छोडो यह आर्तनाद मत करो दय्या दय्या
    मानो खुद को सिंह बनो मत बूढ़ी गय्या

    ReplyDelete
  2. बहुत अच्छी पंक्तियां हैं..

    ReplyDelete
  3. प्रधानमंत्री जी ने प्रेस कॉंफ्रेंस में चाहे जो लाचारी दिखाई हो, बाद का मीडिया मैनेजमेण्ट बहुत दमदार है। बस दो तीन प्रतीकों (राजा-कलमाडी) के सिवाय बाकी किसी पर अटैक हो ही नहीं रहा!

    ReplyDelete
  4. आपकी कुंडली बिल्कुल झकाझक है।

    ReplyDelete
  5. vaah vaah ... maja aa raha है is kundali का ... kaaka की yaad kara di ...
    Manmohan जी ab to bansi baja do ..

    ReplyDelete
  6. उफ़ बहुत की मार्मिक और दर्दनाक कविता हमारी संवेदनाए उनके साथ है |

    ReplyDelete
  7. कह दानव कविराय, जगो अब मोहन भैया
    अर्धसत्य को त्याग, सत्य की खेवो नैया

    सर्वप्रथम इन ख़ूबसूरत दोहों के लिए बधाई , मगर इनसे कोई आश न लगाइए क्योंकि मजबूरी का नाम SMS (सरदार मनमोहन सिंह )

    ReplyDelete
  8. बहुत गजब लिखा है, काका हाथरसी जी की याद दिलादी, बहुत मारक है.

    रामराम.

    ReplyDelete
  9. इतने दिनों से आपके ब्लाग पर आने की कोशीश कर रहा था पर हमेशा मालवेयर की चेतावनी मिलती थी, आज बिना किसी चेतावनी के खुल रहा है, उम्मीद करता हूं कि आपके पाठकों कॊ अब कोई बाधा नही आयेगी.

    रामराम.

    ReplyDelete
  10. .

    मैं बालक नादान , भवानी तेरी सेवा न जानू..

    बालक ( मोहन )
    भवानी (भारत भूमि )

    आपकी कविता एक उच्च कोटि का आइना है , सब कुछ दिखा दिया ।

    .

    .

    ReplyDelete
  11. आपकी कविता एक उच्च कोटि का आइना है| धन्यवाद|

    ReplyDelete
  12. वाह बहुत खूब।
    कह दानव कविराय, जगो अब मोहन भैया
    अर्धसत्य को त्याग, सत्य की खेवो नैया
    अच्छा मश्विरा है। बधाई।

    ReplyDelete
  13. aapke comment karne ka bahut-bahut dhanywad kyonki isi ke dwara mujhe aapke itane acche blog ko jan ne ka moka mila . sath hi main mafi chahti hoon ki kisi wajah se main abhi tak aapke comment ko dekh na saki ! "bharat ke nayak" blog par pehla comment karne ke liye bahut-bahut shukriya !

    ReplyDelete
  14. ये जागने वाला नहीं महा ढोंगी,बेईमान तथा चालाक है....ये प्रधानमंत्री के पद की मर्यादा को मिटटी में मिला दिया है.....

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

कुछ पुरानी यादें