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कोबाल्ट ले लो कोबाल्ट

जिस देश में कोबाल्ट को कबाड़ियों के हाथों  बेच दिया जाता है उस देश में न्यूक्लियर सेफ्टी बिल में महज पांच सौ करोड़ रुपये के हर्जाने का प्रावधान! इससे पहले कैगा के एक परमाणु वैज्ञानिक संदेहास्पद अवस्था में मृत पाये गये. नाभिकीय संयंत्र में एक कर्मचारी वाटर कूलर में संक्रमित पानी भर देता है. कोबाल्ट - ६० जिस मशीन में प्रयुक्त होता था, उसे बेच दिया गया. बेचने वालों के बारे में क्या कहा जाये और क्या कहा जाये परमाणु सुरक्षा की जिम्मेदारी रखने वाले लोगों की निगाहबीनी पर. मंहगाई पर देश की जनता को कैसे बेवकूफ बनाया जाता है, परसों के कटौती प्रस्ताव से पता चल ही गया. इसलिये जब तक जियो, बोनस मानकर जियो. हमारे नेता भारत को तो स्वर्ग बना नहीं पाये लेकिन भारत के लोगों को स्वर्गवासी बनाकर उन्हें स्वर्ग दिखाने के सारे इन्तजाम कर चुके हैं..

काला धुंआ और कल-कल बहती नहर........

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सुबह का नजारा था. नहर में बहते पानी ने मन मोह लिया. वैसे भी मनुष्य एक सामाजिक "जीव" ही है. और जीव जन्तुओं का प्राकृतिक निवास तो जंगल ही है इसीलिये नदी, झरने, पहाड़, जंगल, पेड़-पौधों की ओर आदमी खुद ही आकर्षित हो जाता है. उसके अन्दर का "जीव" जग उठता है. शारदा नदी से निकली इस "माइनर" में शीतल पानी बह रहा था, जिसे देखकर खुद को रोक न सका. आगे बढा तो इस सुन्दरता के बीच काला धुंआ उगलती चिमनियां दिखाई दीं एक भट्टे की. देखिए कैसा काला धुंआ निकल रहा है इसकी चिमनियों से. लोगों ने नदियों के रुख बदल दिये, तालाब और कुंये पाट दिये. नदियों में सीवर और कारखानों की वेस्टेज डाल कर उन्हें प्रदूषित कर दिया बढ़ती जनसंख्य़ा और लोगों के लोभ ने हमारी सारी प्राकृतिक सम्पदा को खतरे में डाल दिया है. जनसंख्या को रोकना आज की सबसे बड़ी मांग है. राजनीति बाज तो ऐसा कभी चाहेंगे ही नहीं क्योंकि उनके लिये लोग इन्सान नहीं हैं बल्कि वोट हैं... चित्र आगे पीछे हो गये हैं. माफ कीजियेगा...

आईपीएल बोले तो इण्डियन पालिटिशियन लीग.

बहुत ही गंद उछल चुकी है आईपीएल को लेकर. हवाला, सट्टेबाजी और न जाने क्या क्या. देश की जनता को बेवकूफ और गुमराह करने का इससे बढ़िया उदाहरण हो ही नहीं सकता. पवार की पुत्री सुप्रिया सुले के पति की भी हिस्सेदारी निकली. पटेल की भूमिका पर भी लोगों ने उंगली उठाई. उनकी सुपुत्री ढ़ाई लाख से कैरियर शुरूकर तीस लाख के पैकेज पर पहुंच गईं मात्र तीन-चार साल में बीसीसीआई के अन्दर. अभी यह भी  पता चला कि चंडीगढ़ से चेन्नई जाने के लिये एक नागरिक फ्लाइट को चार्टर में बदल दिया गया, जिसे पूजा पटेल ने बुक कराया था. अब किसी की क्या मजाल कि पूजा जी के लिये मना कर सके कि नागरिक फ्लाइट को चार्टर में नहीं बदला जा सकता जब तक कि एक भी यात्री विमान में हो. ईमेल का चक्कर भी पता चल रहा है कि कैसे किस किस को ईमेल कर आईपीएल की टीमों की संभावित बोली लगाई गयी. कहीं किसी आईएएस का कनेक्शन पता चल रहा है तो कहीं किसी मन्त्री का. लोग खामखाह अपना टीवी चला कर बिजली का बिल बढ़ा रहे हैं, स्टेडियम में जाकर पैसे फूंक रहे हैं और भाई लोग  करोड़ों का टैक्स बचा रहे हैं, काले धन को गोरा बना रहे हैं. पवार और पटेल पाक साफ निकल आये. ठीकर...

लिखने तो कुछ और जा रहा था लेकिन इन हृदय विदारक खबरों को पढ़ने के बाद मन नहीं हुआ

जयपुर। जयपुर में एक लड़की के दोस्त ने उसका अश्लील MMS बनाकर न सिर्फ खुद शारीरिक शोषण किया बल्कि एक और लड़के के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। इसके बाद शुक्रवार को लड़की की जलने से मौत हो गई। परिवार का आरोप है उसे जलाकर मारा गया है। उसकी मौत से गुस्साए लोग सड़कों पर उतर आए जिसके बाद पुलिस और भीड़ के बीच जमकर झड़प हुई।जयपुर के कालवाड़ रोड पर रहने वाली ये लड़की प्राइवेट स्कूल में टीचर थी। मौत से पहले पुलिस को दिए बयान में उसने आरोप लगाया कि नफीस नाम के युवक ने उससे पहले दोस्ती की और फिर उसका अश्लील एमएमएस बनाकर यौन शौषण किया।लड़की के मुताबिक नफीस एमएमएस की आड़ में उसे अपने दोस्त वसीम से शारीरिक संबंध बनाने को मजबूर कर रहा था जिसके चलते उसने स्कूल जाना तक छोड़ दिया लेकिन नफीस ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और एमएमएस के खुलासे की धमकी देता रहा।परिवार का आरोप है कि लड़की को जलाया गया है जबकि पुलिस का कहना है कि उसकी हत्या नहीं हुई बल्कि उसने खुदकुशी की है। इलाके के लोगों का आरोप है कि पुलिस मामले को खुदकुशी का रूप देकर आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है ।  नोएडा। राजधानी दिल्ली से सटे न...

काश मैं एक बार फिर तुमसे मिल सकूं!

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यही कोई दो महीने पहले मेरे घर अंगूर की लताओं में एक बुलबुल ने अपना रैन बसेरा बनाया. पहले एक तिनका लाई जो मालूम भी नहीं चला, और छ:सात दिन की मेहनत ने रंग दिखाया - बुलबुल का घोंसला तैयार हो गया. जाने कहां-कहां से धागे लाई और कहां-कहां से तिनके! खैर प्रारम्भ में ध्यान नहीं दिया, लेकिन थोड़े दिन बाद ही उसके चहचहाने की आवाजें अपनी ओर ध्यान आकृष्ट करने लगीं. लू चल रही हो या कड़ी धूप हो, आंधी हो या बरसात, वह अपने डैने फैलाकर घोंसले में बैठी रहती. जब हल्की हवा चलती तो झूले की तरह घोंसला भी आगे पीछे होता और ऐसा लगता जैसे कि कोई छोटा बच्चा झूले में बैठकर आनन्द उठा रहा हो. एक दिन पाया कि वह बुलबुल अपनी चोंच में खाने की चीजें लेकर आने लगी है और घोंसले में ले जाती है अर्थात उसके घर में बच्चों का शुभागमन हो गया है. अब वह चीजें लाती और घोंसले में बैठे अपने नवजात शिशुओं के लिये खिलाती. इस समय तक केवल अंदाजा मात्र था क्योंकि घोंसला ऊंचाई पर था और बच्चे छोटे थे, इसलिये यह पता ही नहीं चलता था कि कितने बच्चे हैं. पन्द्रह दिन पहले एक चूजे का सिर दिखाई दिया. बहुत खुशी हुई उस नये सदस्य को देखकर. फिर तीन-चार दि...

सुनहरे गेहूं, नीलगाय और काला धुंआ....

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खेतों में लहलहाते गेहूं की फसल सुबह-सुबह ऐसे लग रही थी जैसे कि खेतों में सोना उग आया हो.. ऐसे ही थोड़े न धरती को रत्नगर्भा कहा गया है... हमारी शस्यश्यामला भूमि.. इस सोने जैसी फसल को काटता हुआ हमारा अन्नदाता. इसकी हालत सुधारने के वादे और दावे तो खूब किये जाते हैं लेकिन नतीजा वही रहता है ढ़ाक के तीन पात. गल्ले की सरकारी खरीद में भ्रष्टाचार खत्म करने की खूब कसमें खाई जाती हैं लेकिन  यह रवायत कसम खाने और बयान देने तक ही सीमित रहती है.   इसके बाद दूसरी तरफ देखा तो नीलगायों का एक झुंड दिखाई दिया. दूर से हिरन की तरह दिखाई देता है यह जानवर खाता कम है लेकिन नुकसान अधिक करता है.. लेकिन किया भी क्या जाये लाखों एकड़ जंगल मटियामेट कर दिये गये अब यह बेचारे जानवर जायें भी तो कहां जायें... कल कुछ और फोटो आपकी खिदमत में पेश किये जायेंगे...काले धुंये के फोटो कल ...

उफ्फ ये धूप..

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कानपुर में प्रवेश करते ही एक ट्रक दिखाई दिया जिस पर फजलगंज की स्पेलिंग लिखी थी "FAGAL GANJ". और इसी ट्रक के पिछले पहिये के नीचे एक वृद्धा बैठी हुई थी धूप से बचने की कोशिश में... सूर्य देव पूरी तेजी से बरस रहे थे लेकिन इस वृद्धा का साहस भी उनकी तेजी से डिगने वाला नहीं था...